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मध्य प्रदेश की पहली महिला मुख्‍य सचिव निर्मला बुच का निधन, सीएम शिवराज ने जताया शोक


भोपाल, पूर्व आइएएस अधिकारी निर्मला बुच का रविवार को 88 साल की उम्र में निधन हो गया। वह कैंसर से पीड़ित थीं और बीते कुछ समय से अस्‍वस्‍थ चल रही थीं। वह 1960 बैच की आइएएस अधिकारी थीं और 1990 से 1992 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा की सरकार में मध्य प्रदेश की मुख्य सचिव रहीं। उनके पति स्व महेश नीलकंठ बुच भी मध्य प्रदेश कैडर के आइएएस थे, जिन्‍होंने प्रशासनिक क्षेत्र में कई उल्‍लेखनीय कार्य किए थे। सोमवार को भोपाल में निर्मला बुच का अंतिम संस्कार किया जाएगा।


अद्भुत थी निर्मला जी की प्रशासनिक दक्षता - शिवराज

निर्मला बुच के निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शोक व्‍यक्‍त किया है। उन्‍होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव श्रीमती निर्मला बुच जी के निधन के समाचार से मन दुःखी है। उनकी कर्तव्यनिष्ठा और प्रशासनिक दक्षता अद्भुत थी। मैं ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं। दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं परिजनों के साथ हैं।


निर्मला बुच का जन्‍म 11 अक्‍टूबर 1935 को उप्र के खुर्जा में हुआ था। वर्ष 1960 में मंसूरी से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उनकी पहली पदस्थापना 1961 में जबलपुर में हुई थी। वह 1961 से 1993 तक मध्य प्रदेश एवं भारत सरकार के विभिन्न विभागों के प्रशासन एवं प्रबंधन के पदों पर रहीं। वह मध्य प्रदेश सरकार में 1975-77 तक वित्त सचिव एवं शिक्षा सचिव तथा 1991-1992 में मुख्य सचिव के पद पर रहीं। इन पदों पर रहते हुए उन्होंने प्रदेश के विकास का जो मॉडल तैयार किया, वह मील का पत्थर साबित हुआ।

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