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Inflation Update: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा - 'महंगाई में आ रही कमी, कम उत्पादन के चलते दालों की कीमतों में है उतार-चढ़ाव'


Food Inflation In India: राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान महंगाई पर पूछे गए सवाल के जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि महंगाई दर में कमी आ रही है और अब ये आरबीआई के टोलरेंस बैंड के भीतर आ चुका है. वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि ऐसी खाद्य वस्तुएं जो नष्ट हो जाती है उसके सप्लाई में कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाये हैं. वित्त मंत्री ने दालों की कीमतों में उछाल पर कहा कि भारत पर्याप्त मात्रा में दालों का उत्पादन नहीं करता है जिसके चलते दालों की सप्लाई में कमी है पर आयात कर दालों की सप्लाई बढ़ाई जा रही है. 



राज्यसभा सांसद एम तंबी दुराई ने दालों, सब्जियों और मसालों की महंगाई और उसे रोकने के लिए सरकार की ओर से की कई कार्रवाई को लेकर वित्त मंत्री से सवाल पूछा था. वित्त मंत्री ने कहा, महंगाई में कमी आ रही है और अब खुदरा महंगाई दर टोलरेंस बैंड के भीतर आ चुका है. वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने महंगाई को रोकने और चीजों की सप्लाई को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाये हैं. खासतौर से ऐसी चीजें जो खराब हो जाती है.  


वित्त मंत्री ने बताया, हम पर्याप्त मात्रा में दाल का उत्पादन नहीं करते हैं जिसके चलते दालों की कीमतों में उतार चढ़ाव देखने को मिलता है. वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि फसल के अनुमान के आधार पर सरकार आयात के लिए करार करती है. वित्त मंत्री ने बताया कि 2023 में सरकार ने 8.79 लाख मीट्रिक टन तुअर दाल का आयात किया है साथ ही 15.14 लाख मीट्रिक टन मसूर दाल का भी आयात किया है. उन्होंने बताया कि इसी तर्ज पर दूसरे दालों का भी आयात किया गया है और उसे बाजार में जारी किया गया है. 



वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा सरकार 60 रुपये प्रति किलो पर चना दाल बेच रही है और 55 रुपये प्रति किलो में 30 किलो का बैग बेचा जा रहा है. उन्होंने कहा कि 30 जनवरी 2024 तक 2.97 मीट्रिक टन चना दाल बेचा जा चुका है साथ ही रिटेल मार्केट में सस्ते दामों पर चना दाल उपलब्ध है. महंगे प्याज से राहत दिलाने के लिए वित्त मंत्री ने बताया कि 3 फरवरी 2024 तक सरकार ने 3.96 लाख मीट्रिक टन प्याज 25 रुपये प्रति किलो के भाव पर बाजार में जारी किया है. साथ ही प्याज के आयात पर बंदिशों को बदला गया है जिससे प्याज की कीमतों पर लगाम लगाई जा सके. टमाटर के कीमतों पर भी लगाम लगाने के लिए सरकार ने कदम उठाये हैं.   


वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसी खाद्य वस्तुएं जो खराब हो जाती है और जिनका भारत में उत्पादन नहीं होता है उसकी कमी में आ रही दिक्कतों का सरकार ने संज्ञान लिया है. सरकार की कमिटी लगातार इसकी समीक्षा करती रहती है और इसका नतीजा है कि महंगाई अब टोलरेंस बैंड के भीतर आ चुका है.  


दरअसल साग - सब्जियों समेत खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी के चलते दिसंबर 2023 में खुदरा महंगाई दर 5.69 फीसदी रही थी. खाद्य महंगाई दर 9.53  फीसदी रही है जो कि नवंबर में 8.70 फीसदी रही थी. दिसंबर में दाल की महंगाई 20.73 फीसदी पर जा पहुंची तो सब्जियों की महंगाई दर 27.64 फीसदी रही थी. 

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