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पश्चिम बंगाल के Albert Kabo Lepcha बने सा रे गा मा पा शो के विजेता, पहले थे शेफ

 टेलीविजन का सिंगिंग रियलिटी शो सा रे गा मा पा सबसे लोकप्रिय शो है। इस शो की शुरुआत 1995 में हुई थी। शो के कई सीजन आ चुके हैं। इस साल सा रे गा मा पा के नए सीजन का प्रीमियर तीन साल पहले हुआ था। वहीं, बीते दिन 26 नवंबर को सिंगिंग रियलिटी शो सा रे गा मा पा का ग्रैंड फिनाले हुआ और इस सीजन को उनका विनर मिला। फिनाले में बॉलीवुड के सुपरस्टार गोविंदा और उनकी पत्नी गेस्ट के तौर पर पहुंचे थे। इस बार के सीजन के विनर एल्बर्ट काबो लेपचा बने हैं। आज हम आपको बताएंगे कि कौन हैं एल्बर्ट काबो लेपचा और कैसी थी उनकी सा रे गा मा पा शो की जर्नी।


दरअसल, सा रे गा मा पा में कलिम्पोंग, पश्चिम बंगाल के रहने वाले काबो लेपचा की सिंगिंग ने दर्शकों के साथ-साथ जजेस का भी हर बार दिल जीता। शुरू से ही शो के जज हिमेश रेशमिया, अनु मलिक और नीति मोहन इस कंटेस्टेंट की सिंगिंग के दीवाने हो गए थे। आखिरकार इस सीजन की ट्रॉफी Albert Kabo Lepcha ने ही जीती। अब फैंस लगातार सोशल मीडिया पर उनकी फोटो शेयर कर रहे हैं। साथ ही Albert ने भी ट्रॉफी के साथ अपनी एक फोटो साझा की है। वहीं, निष्ठा शर्मा और रणिता बनर्जी इस सीजन के फर्स्ट और सेकंड रनर अप बने।

 

एल्बर्ट ने जाहिर की अपनी खुशी

एल्बर्ट मे भी अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "मेरे लिए यह सपना सच होने जैसा है। ईमानदारी से कहूं, तो ये एक बहुत ही टफ प्रतियोगिता थी, क्योंकि इस सीजन में सब कंटेस्टेंट काफी टैलेंटेड थे। मैं सच में आभारी हूं कि मुझे उनके साथ स्टेज शेयर करने का मौका मिला। मैंने इस पूरे सफर में बहुत कुछ सीखा है, जिसके लिए मैं अपने मैंटर को धन्यवाद देना चाहूंगा। उन्होंने बतौर सिंगर मेरे पोटेंशियल को एक स्केल अप किया है। मुझे अपनी खुद की सिंगल रिलीज करने का भी मौका मिला। मुझे लोगों का काफी प्यार मिला। मेरी इस जर्नी को खूबसूरत बनाने के लिए मैं सबका शुक्रिया अदा करता हूं।"


शेफ के तौर पर भी काम कर चुके हैं

विनर के बैकग्राउंड की बात करें, तो कालिम्पोंग से ताल्लुक रखने वाले एल्बर्ट 27 साल के हैं। वे अपनी पत्नी के साथ कोलकाता में रहते हैं। इस शो में आने से पहले वे महीने में 5 से 7 शोज लाइव किया करते थे। उनका खुद का बैंड भी है, जिसका नाम काबो एंड कंपनी है, जहां वे अपने बैंड मेंबर्स के साथ मिलकर परफॉर्म करते हैं। उन्होंने स्कूल के दिनों से ही गाना शुरू कर दिया था, वे चर्च में भी गाया करते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी के बाद उन्होंने बतौर शेफ भी काम किया, लेकिन दादा की डेथ के बाद वह अपने होम टाउन वापस आ गए और उन्होंने एक सिंगर के रूप में गाना शुरू किया। वे टूरिस्ट गाइड के तौर पर भी काम कर चुके हैं।

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