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RTGS के नाम पर किसानों का भुगतान लटका रहे व्यापारी!

RTGS के नाम पर किसानों का भुगतान लटका रहे व्यापारी!

पिपरिया-मध्य प्रदेश में नियमो की आड़ में व्यापारी किसानों की समस्या दिनों दिन बढ़ा रहे हैं।पिपरिया मंडी में RTGS से भुगतान करने के नाम पर किसानों का लाखो रुपया व्यापारी उपयोग कर रहे हैं।जबकि नियमानुसार किसान को अनाज तुलाई के बाद तत्काल भुगतान होना चाहिए।ऐसी ही शिकायत भारकच्छ के किसान अनुज मानंधन्या ने पिपरिया मंडी सचिव को लिखित में करते हुए बताया हैं कि पांडव फ़ूड प्रोसेसिंग द्वारा उनकी करीब 78 क्विंटल गेंहू 17 मई को खरीदी गई थी।जिसकी कीमत 2 लाख 50 हजार रुपये हो रहे हैं।परंतु 10 दिन तक उनका भुगतान बैंक खाते में नहीं किया गया हैं।कई बार उनने उक्त फर्म से मोबाइल पर जानकारी लेने का प्रयास किया तो सर्वर सहित कई समस्याएं बताई गई हैं।वही किसान के शिकायती आवेदन पर मंडी सचिव नरेश परमार ने उक्त फर्म को नोटिस जारी करते हुए किसान को ब्याज सहित भुगतान का निर्देश दिया हैं।परंतु पांडव फ़ूड प्रोसेसिंग ने केवल मूल भुगतान ही 27 मई की शाम को किया हैं।वही आम किसानों का कहना हैं कि व्यापारी हमारे पैसे से अपना धंधा चला रहे हैं।व्यापारी बैंक से करोड़ो रूपये की लिमिट बनवाते हैं।जिस पर उनको ब्याज देना होता हैं।परंतु हमारे अनाज से यह व्यापारी बिना ब्याज और लगत का धंधा कर करोड़ो रूपये कमा रहे हैं।वही मण्डी के जानकारों के अनुसार पांडव फ़ूड प्रोसेसिंग इस समय आटा,मैदा और सूजी बना रहा हैं।इनके प्रोडक्ट की उम्र 10-15 दिन ही रहती हैं।इस दौरान कम्पनी अपना पैसा बाजार से वसूल लेती हैं।वही यह किसान को 10-10 दिनों में भुगतान कर रहे हैं।इसका मतलब हैं कि व्यापारी अपना व्यापार किसान के अनाज से ही कर रहा हैं।

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