EMI बढ़ने का खतरा! RBI बढ़ा सकता है Repo Rate, 6% तक पहुंचने की आशंका
होम लोन और दूसरे फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज की EMI चुकाने वालों के लिए आने वाले दिनों में मुश्किल बढ़ सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक होनी है और बाजार में रेपो रेट बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
पहली बार 2023 के बाद बढ़ सकता है रेपो रेट
RBI ने पिछली चार MPC बैठकों में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है। हालांकि अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82% हो गई, जो RBI के 4% लक्ष्य से लगातार तीसरे महीने ऊपर रही। बढ़ती खाद्य और ऊर्जा कीमतों के साथ कच्चे तेल की कीमतों ने भी महंगाई का दबाव बढ़ाया है।
अर्थशास्त्रियों के बीच अक्टूबर में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो सकता है। कुछ अनुमानों में दिसंबर तक एक और बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
6% तक पहुंचने का कितना खतरा?
कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि महंगाई और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के कारण आने वाले महीनों में RBI दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है। मॉर्गन स्टेनली ने अप्रैल 2027 तक रेपो रेट 6.25% तक पहुंचने का अनुमान लगाया है, जबकि अन्य अनुमानों में मौजूदा चक्र के दौरान 50-75 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ोतरी की बात कही गई है।
EMI पर पड़ेगा सीधा असर
अगर RBI रेपो रेट बढ़ाता है तो रेपो से जुड़े फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन और अन्य कर्ज की ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर या तो EMI बढ़ने या फिर समान EMI के साथ लोन की अवधि बढ़ने के रूप में सामने आ सकता है। हालांकि वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि बैंक RBI की बढ़ोतरी को ग्राहकों तक कितनी जल्दी और कितनी मात्रा में पहुंचाते हैं।
RBI का अंतिम फैसला 7 अक्टूबर को आएगा। फिलहाल 6% तक रेपो रेट पहुंचने की बात एक संभावित अनुमान है, कोई तय फैसला नहीं।

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