अमेरिका में 50 देशों के नागरिकों पर वीजा बॉन्ड लागू, भारत को राहत; 20 हजार डॉलर तक जमा करने का नियम
अमेरिका ने कुछ देशों के नागरिकों के लिए वीजा बॉन्ड कार्यक्रम का दायरा बढ़ाते हुए 50 देशों को इसमें शामिल किया है। इन देशों के पात्र नागरिकों को अमेरिका के B1/B2 यानी बिजनेस और टूरिस्ट वीजा के लिए आवेदन करते समय 10 हजार, 15 हजार या 20 हजार डॉलर तक का बॉन्ड जमा करना पड़ सकता है। बॉन्ड की राशि का निर्धारण वीजा इंटरव्यू के दौरान कांसुलर अधिकारी करते हैं।
भारत को नहीं किया गया शामिल
भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए फिलहाल राहत की खबर है। अमेरिका के विदेश विभाग की 2 अक्टूबर 2026 को अपडेट की गई सूची में भारत का नाम शामिल नहीं है। हालांकि, दक्षिण एशिया के बांग्लादेश, भूटान और नेपाल इस व्यवस्था के दायरे में हैं।
बॉन्ड वीजा फीस से अलग
वीजा बॉन्ड सामान्य वीजा आवेदन शुल्क से अलग है। यह राशि कुछ शर्तों के तहत रिफंडेबल होती है। यदि यात्री अमेरिका के इमिग्रेशन नियमों और निर्धारित प्रवास अवधि का पालन करता है, तो बॉन्ड वापस किया जा सकता है। वहीं बॉन्ड जमा करना अपने आप में वीजा मंजूर होने की गारंटी नहीं है।
ओवरस्टे रोकने के लिए नियम
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, यह व्यवस्था B1/B2 वीजा पर ओवरस्टे की दरों को ध्यान में रखकर लागू की गई है। संबंधित नियम 3 अगस्त 2026 को जारी अंतिम नियम के तहत स्थायी कार्यक्रम का हिस्सा बना।
अमेरिकी सरकार ने आवेदकों को यह भी चेतावनी दी है कि कांसुलर अधिकारी के निर्देश मिलने से पहले किसी वेबसाइट या माध्यम से बॉन्ड का भुगतान न करें। भुगतान के लिए आधिकारिक निर्देश और अमेरिकी ट्रेजरी के Pay.gov प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है।

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