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छत्तीसगढ़ में बाढ़ से 22 जिलों में तबाही, 1,083 गांवों के 74 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित; 15 की मौत

 छत्तीसगढ़ में सितंबर के आखिरी सप्ताह में हुई मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ और जलभराव ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। प्रदेश के 22 से अधिक जिलों के 1,083 गांवों में 74,130 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 15 लोगों की मौत हुई है।




सुकमा और बस्तर में सबसे ज्यादा असर
भारी बारिश के कारण दक्षिण छत्तीसगढ़ के सुकमा और बस्तर जिले सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। सुकमा के 25 गांवों में करीब 40,714 लोग, जबकि बस्तर के 145 गांवों में 20,212 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा रायपुर, धमतरी, बालोद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम, दुर्ग, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा समेत कई जिलों में भी बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी।

करीब 50 हजार लोगों का रेस्क्यू
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। अब तक 49,793 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित परिवारों के लिए 152 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां करीब 11,945 लोगों के रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है।

मकानों और फसलों को भी भारी नुकसान
बाढ़ से 2,103 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 7,947 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 1,220 से अधिक पशुधन की हानि हुई है और 6,154 हेक्टेयर से अधिक फसल प्रभावित हुई है। सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को राहत और क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।

राज्य सरकार के अनुसार जनहानि, पशुहानि, मकान और फसल क्षति के मामलों में सहायता राशि का वितरण शुरू कर दिया गया है। वहीं जिन क्षेत्रों में नुकसान का सर्वे पूरा नहीं हुआ है, वहां राजस्व और प्रशासनिक टीमें आकलन में जुटी हैं।

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