छत्तीसगढ़ में सर्पदंश के इलाज को लेकर बड़ा फैसला, अब 108 एंबुलेंस में मिलेगा एंटी स्नेक वेनम
छत्तीसगढ़ में सांप के काटने से होने वाली मौतों को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश में संचालित संजीवनी एक्सप्रेस 108 एंबुलेंस में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराया जाएगा। इससे सर्पदंश के मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही जरूरी उपचार मिलने की उम्मीद है।
एंबुलेंस में ही शुरू होगा इलाज
नई व्यवस्था के तहत सांप के काटने की सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस को मौके पर भेजा जाएगा। एंबुलेंस में एंटी स्नेक वेनम और जरूरी दवाएं उपलब्ध रहेंगी। आवश्यकता पड़ने पर मरीज को मौके पर ही जीवनरक्षक इंजेक्शन दिया जा सकेगा और इसके बाद उसे नजदीकी उच्च स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जाएगा।
ग्रामीण इलाकों के मरीजों को ज्यादा फायदा
स्वास्थ्य विभाग का यह कदम खासतौर पर दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां अस्पताल की दूरी अधिक होने के कारण सर्पदंश के मरीजों को इलाज मिलने में देरी हो जाती है। राज्य में पहले से ही सभी 33 जिलों में एंटी स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक रखने की व्यवस्था की गई है।
बिलासपुर के सिम्स में बारिश के मौसम में रोजाना सर्पदंश के कई मामले पहुंचने की जानकारी सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक नई व्यवस्था से मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सांप काटे तो तुरंत 108 पर करें कॉल
विशेषज्ञों के अनुसार सांप के काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। मरीज को शांत रखते हुए काटे गए अंग की गतिविधि कम से कम करनी चाहिए और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए। घाव पर चीरा लगाना, जहर चूसने या कसकर पट्टी बांधने जैसे उपाय नहीं करने चाहिए।
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से सर्पदंश के मामलों में ‘गोल्डन टाइम’ के दौरान उपचार शुरू करने और गंभीर मरीजों की जान बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

No comments