एनसीआर की हवा सुधारने के लिए बड़ा एक्शन प्लान, CM योगी और भूपेंद्र यादव ने आठ जिलों की समीक्षा की
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को लखनऊ में उच्चस्तरीय बैठक कर यूपी के एनसीआर से जुड़े आठ जिलों में वायु गुणवत्ता सुधार के उपायों और कार्ययोजना की समीक्षा की।
बैठक में वाहन प्रदूषण, पुराने वाहनों, नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति, इलेक्ट्रिक बसों, प्रदूषण प्रमाणपत्र और एग्रीगेटर वाहनों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। आगामी सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को तेजी से लागू करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
80 फीसदी उद्योगों में प्रदूषण निगरानी व्यवस्था
औद्योगिक प्रदूषण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि करीब 80 प्रतिशत उद्योगों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS) और वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लगाए जा चुके हैं। शेष उद्योगों में भी इन व्यवस्थाओं को लागू कराने की प्रक्रिया जारी है।
धूल और कचरा प्रदूषण पर भी फोकस
बैठक में सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए मशीनीकृत और डीप क्लीनिंग, सड़क मरम्मत, फुटपाथ-पेवमेंट तथा सड़क किनारे हरियाली बढ़ाने जैसे उपायों पर जोर दिया गया। साथ ही ठोस कचरा प्रबंधन और निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी चर्चा हुई।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए पिछले दिसंबर से अब तक 30 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं। पड़ोसी राज्यों के साथ भी समन्वय बढ़ाया जा रहा है, ताकि वाहन प्रदूषण, औद्योगिक उत्सर्जन, धूल और पराली से जुड़े प्रदूषण को व्यापक स्तर पर नियंत्रित किया जा सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को बैठक में तय उपायों पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। सरकार का जोर सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को तेजी से जमीन पर उतारने पर है।

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