Google Analytics 47 साल बाद भी Jaya Bachchan के इस चुलबुले गाने पर बनती हैं खूब रील्स - Pipariya Peoples latest News update

47 साल बाद भी Jaya Bachchan के इस चुलबुले गाने पर बनती हैं खूब रील्स

 47 साल बाद भी Jaya Bachchan के इस चुलबुले गाने पर बनती हैं खूब रील्स
47 साल पहले बॉलीवुड में एक ऐसा गाना बना जो आज की ऑडियंस के बीच भी काफी पॉपुलर है। इस गाने को इतनी बार रीक्रिएट किया गया कि इसके बोल बच्चे-बच्चे को पता होंगे।




जब चार दशक पहले इस गाने को बनाया गया, तब तक यह सिर्फ राजस्थानी लोगों के बीच ही पॉपुलर था। मगर बॉलीवुड में आने के बाद इसने पूरे देश को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
किशोर-आशा की आवाज में हुआ सदाबहार

इस गीत की खास बात यह भी थी कि इस लोकगीत को मॉडर्न तरीके से बनाया गया था। जया बच्चन (Jaya Bachchan) और संजीव कुमार (Sanjeev Kumar) की चुलबुली केमिस्ट्री और किशोर कुमार (Kishore Kumar) व आशा भोसले (Asha Bhosle) की आवाज ने इस गाने को सदाबहार बना दिया।
राजस्थानी लोकगीत से है प्रेरित

यह गाना कोई और नहीं बल्कि 47 साल पहले बना 'पल्लो लटके रे म्हारो पल्लो लटके' (Pallo Latke Re Mhaaro Pallo Latke)है। यह एक राजस्थानी लोकगीत है जिस पर महिलाएं थिरका करती थीं। इस गाने को बॉलीवुड फिल्म में लाने का आइडिया आरडी बर्मन उर्फ पंचम दा का था।

पंचम दा ने नए वर्जन में किया पेश
पंचम दा को संजीव कुमार और जया बच्चन की फिल्म नौकर (1979) के लिए एक गाना बनाना था। लोकगीत को नए वर्जन में क्रिएट करने के लिए मशहूर पंचम दा को 'पल्लो लटके' गाने का आइडिया आया। इस राजस्थानी लोकगीत को उन्होंने नए सिरे से तैयार किया। गाने की धुन को वेस्टर्न बीट्स और ढोलक के साथ फ्यूजन तरीके से बनाया गया और इसके बोल लिखे मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने।

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