Google Analytics गोरखपुर में सीएम योगी ने दागे हॉकी में दो गोल, हजार करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण - Pipariya Peoples latest News update

गोरखपुर में सीएम योगी ने दागे हॉकी में दो गोल, हजार करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण

 गोरखपुर में सीएम योगी ने दागे हॉकी में दो गोल, हजार करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण 
वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अचानक खिलाड़ियों के बीच पहुंच गए। उन्होंने दो टीमों के बीच हो रहे मैच का शुभारंभ करते हुए हॉकी स्टिक पकड़ी और दो गोल दागे। मुख्यमंत्री के गोल दागते ही सांसद रविकिशन शुक्ल बाल लेने के लिए मैदान में दौड़े। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से बात की और सुविधाओं की भी जानकारी ली।

लोकार्पण व शिलान्यास के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। यहां गोरखपुर महानगर की दृष्टि से लगभग एक हजार करोड़ की योजनाएं प्रारंभ की जा रही हैं। यह प्रदेश के इतिहास के लिए अत्यंत गौरवशाली दिन है। सुपोषण के द्वितीय फेज की शुरूआत भी यहां हुई है।

हम सब को इस बारे में देखना समझना होगा कि यदि बचपन सुरक्षित है तो भविष्य भी सुरक्षित है। बच्चा जब जन्म लेता है तो पहले एक हजार दिन महत्वपूर्ण होते हैं। अच्छे से उसकी देखभाल कर ली तो उसे एक मजबूत भविष्य दे सकते हैं। इसी के लिए टेक होम राशन की प्रणाली 2022 में प्रयागराज में शुरू की गई थी। इसमें चार हजार से अधिक महिला स्वयंसेवी समूह द्वारा प्रदेश के कई विकास खंडों में प्लांट लगाया गया था। आज उसी प्रक्रिया का द्वितीय चरण शुरू होने जा रहा है।




प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया कि जब बच्चा तीन साल का हो जाए तो उसे आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन से छह साल तक रखा जाए। जहां वह अच्छा आहार ले सके और खेल-खेल में कुछ सीख ले। इसलिए बाल वाटिका को भी आगे बढ़ाया गया। 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी में प्री प्राइमरी व बाल वाटिका संचालित हो रहा है।
पहले मिलती है पांच से छह घंटे बिजली

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से नौ साल पहले का गोरखपुर क्या था। बीमारी, जलजमाव, गंदगी, बाढ़, नौजवान के लिए नौकरी नहीं, व्यापारी की सुरक्षा नहीं, बेटी के लिए उत्तम शिक्षा की व्यवस्था नहीं, किसान के लिए कोई अन्य सुविधा नहीं, परंपरागत उद्यम के लिए कोई कार्यक्रम नहीं। 2017 के पहले बिजली बमुश्किल पांच से छह घंटे मिल पाती थी। उसके लिए सड़कों पर आंदोलन करना पड़ता था। इंसेफ्लाइटिस से किस तरह सैकड़ों बच्चों की मौत होती थी, किसी से छुपा नहीं थी।

बंद कारखाना हमें चिढ़ाता था तो बीमार बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर की पहचान बन गया था। लखनऊ जाने में आठ घंटे लगते थे। रामगढ़ताल गंदगी का गढ़ था। गोरखपुर के नाम से लोग डरते थे। बेटियां शाम के बाद घर से निकलने में डरती थीं। मानो आतंक का पर्याय रहा हो। कैसे एक शहर बदलता है, वह आज दिखता है। दुनिया में देश का सम्मान बढ़ा है। देश में यूपी का सम्मान बढ़ा है। प्रदेश व देश में गोरखपुर का भी सम्मान बढ़ा है। अब आपसे कोई दूरी नहीं बनाता।

आज जलजमाव की समस्या का समाधान है। नौजवानों के लिए रोजगार है। व्यापारी की सुरक्षा है। बेटी की उत्तम शिक्षा के साथ उसके स्वावलंबन के कार्यक्रम है। बीआरडी मेडिकल कालेज स्वयं स्वस्थ हुआ। इंसेफ्लाइटिस की बीमारी का खात्मा हुआ है। फर्टिलाइजर फिर से चल रहा है। चीनी मिलें बन रही हैं। सड़कें चौड़ी हो गई हैं। बिजली अनवरत रूप से लोगों को मिल रही है।
रोड कनेक्टिविटी हुई बेहतर

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में कनेक्टिविटी बेहतरीन हुई है। एक-एक पाई का सदुपयोग हो रहा है और जवाबदेही के साथ काम हो रहा है। रामगढ़ताल पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। चिलुआताल भी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। लखनऊ की दूरी 3:30 घंटे में तो वाराणसी की दूरी ढाई घंटे में पूरा कर सकते हैं।

चारों ओर से फोरलेन की कनेक्टिविटी है। एयर कनेक्टिविटी है। गरीब के घर में शौचालय है। उसके लिए आवास की सुविधा है। यह है 9 साल में बदला हुआ वह परिवेश, जिसमें आप रह रहे हैं। आज पहचान का संकट नहीं। लोग आपको सम्मान दे रहे हैं। यूपी को नई पहचान मिली है। किसी को कोई शंका नहीं।


No comments

Powered by Blogger.