ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका का MQ-9 Reaper Drone मार गिराया
ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका का MQ-9 Reaper Drone मार गिराया
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने ‘होर्मुज स्ट्रेट’ के ऊपर उड़ रहे अमेरिका के ताकतवर ड्रोन में से एक ‘MQ-9 रीपर ड्रोन’ को मार गिराया है।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसका वीडियो भी जारी किया है, जिसमें ड्रोन का मलबा दिखाई दे रहा है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई उसके नए एयर डिफेंस सिस्टम ने की। दूसरी ओर अमेरिका ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट हर हाल में खुला रहना चाहिए।
इसी बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामनेई ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि अब वेस्ट एशिया में अमेरिकी ठिकाने सुरक्षित नहीं रहेंगे। लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा और गहरा होता जा रहा है
हमें जवाब देने का पूरा अधिकार है: ईरान
ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका सीजफायर का उल्लंघन करता है, तो उसे जवाब देने का पूरा अधिकार है। यह घटना ऐसे समय हुई जब अमेरिका ने कहा था कि उसने अपनी सुरक्षा के लिए ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट्स पर कार्रवाई की।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) के मुताबिक यह कार्रवाई सेल्फ-डिफेंस (आत्मरक्षा) में की गई। सेंटकाम के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों और युद्धपोतों को खतरे से बचाने के लिए ये हमले किए गए। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास कथित तौर पर बारूदी सुरंग बिछा रही बोट्स को निशाना बनाया। इसके अलावा बंदर अब्बास पोर्ट के पास सरफेस टू एयर मिसाइल साइट पर भी हमला किया।
ईरान की विभिन्न समाचार एजेंसियों के अनुसार दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास में अमेरिकी हमलों में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के 4 जवानों के मारे जाने का दावा किया गया है।
हमले के बाद ईरान की सेना ने कहा कि अगर उस पर फिर हमला हुआ, तो वह पहले से ज्यादा बड़ा और कड़ा जवाब देगा। सेना के प्रवक्ता अबोलफजल शेखरची ने कहा कि अगली बार ईरान की कार्रवाई सिर्फ इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी। अगर फिर युद्ध जैसी स्थिति बनी, तो जवाब पहले से ज्यादा बड़ा और हिंसक होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम (एनरिच्ड यूरेनियम) अमेरिका को सौंपने के बाद नष्ट कर दिया जाएगा। ट्रंप के मुताबिक यह प्रक्रिया ईरान में ही या किसी दूसरी मंजूर जगह पर हो सकती है। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय निगरानी में होगी, ताकि सब कुछ पारदर्शी तरीके से हो।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रुथ पर लिखा कि यूरेनियम को या तो तुरंत अमेरिका भेजा जाएगा और वहां नष्ट किया जाएगा, या फिर ईरान की सहमति से मौके पर ही खत्म किया जाएगा। इस दौरान इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी जैसी संस्था मौजूद रहेगी।
हालांकि ट्रंप ने यह नहीं बताया कि यूरेनियम की मात्रा कितनी है। दूसरी ओर, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने देश से एनरिच्ड यूरेनियम बाहर भेजने के लिए तैयार नहीं है। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने उन रिपोर्ट्स को गलत बताया, जिनमें कहा गया था कि तेहरान यूरेनियम बाहर भेजने पर सहमत हो गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते पर बातचीत चल रही है। इसमें अमेरिका द्वारा 12 अरब डॉलर की जब्त ईरानी संपत्ति जारी करने और कुछ प्रतिबंध हटाने की बात कही गई है, लेकिन इसमें कोई परमाणु समझौता शामिल नहीं बताया गया।

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