‘पोस्टर वॉर से थरूर-खरगे मीटिंग तक’ केरल CM को लेकर कांग्रेस में बड़ा घमासान

 ‘पोस्टर वॉर से थरूर-खरगे मीटिंग तक’ केरल CM को लेकर कांग्रेस में बड़ा घमासान
केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की जीत के बाद अब मुख्यमंत्री पद को लेकर घमासान तेज हो गया है। सीएम पद की रेस में कांग्रेस में तीन बड़े नेताओं वीडी सतीशन, रमेश चेन्निथला और केसी वेणुगोपाल का नाम सबसे आगे माने जा रहे हैं। तीनों नेता इस समय दिल्ली में मौजूद हैं, जहां कांग्रेस हाईकमान लगातार बैठकें कर रहा है। माना जा रहा है कि अगले 24 घंटे में नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान हो सकता है।




बता दें कि 2016 के बाद यह पहला मौका है जब प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में वापसी कर रही है। पिछली बार राज्य में कांग्रेस की सरकार ओमन चांडी के नेतृत्व में थी। जुलाई 2024 में उनके निधन के बाद भी वे केरल कांग्रेस के सबसे सम्मानित नेताओं में गिने जाते हैं। ऐसे में इस हफ्ते ओमन चांडी और केसी वेणुगोपाल की तस्वीर वाला फ्लेक्स बोर्ड फाड़े जाने और उस पर काला तेल फेंके जाने की घटना ने पार्टी के भीतर की खींचतान को खुलकर सामने ला दिया।

सड़कों पर पहुंची सीएम पद की लड़ाई
दरअसल, सीएम पद की लड़ाई अब सड़कों तक पहुंच चुकी है। सतीशन समर्थकों ने तिरुवनंतपुरम में मार्च निकाला, जबकि वेणुगोपाल और चेन्निथला समर्थकों ने अलग-अलग इलाकों में पोस्टर और होर्डिंग लगाए। फ्लेक्स बोर्ड तोड़े जाने की घटना पर कांग्रेस नेताओं ने नाराजगी जताई। 

कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने कहा कि जो लोग वेणुगोपाल का फ्लेक्स बोर्ड तोड़ रहे हैं, उन्हें कांग्रेस का हिस्सा नहीं माना जा सकता। वहीं वरिष्ठ नेता पीजे कुरियन ने साफ कहा कि दबाव की राजनीति से मुख्यमंत्री तय नहीं होगा।

चर्चाओं में आया शशि थरूर का नाम
इस बीच चौथा नाम शशि थरूर का भी चर्चा में है। हालांकि पार्टी के भीतर उन्हें अब तक केंद्रीय राजनीति का चेहरा माना जाता रहा है, न कि राज्य प्रशासन का। शुक्रवार को थरूर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर केरल की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की, जिससे अटकलों का दौर और तेज हो गया।

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