अक्षय तृतीया पर करें कुबेर चालीसा का पाठ, होंगे राजा की तरह धनवान
अक्षय तृतीया पर करें कुबेर चालीसा का पाठ, होंगे राजा की तरह धनवान
अक्षय तृतीया का दिन हिंदू धर्म में 'स्वयंसिद्ध मुहूर्त' माना जाता है, जिसका मतलब है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ काम, दान या पूजा का फल कभी खत्म नहीं होता है। इस पावन तिथि पर धन की देवी लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान कुबेर की उपासना का भी विधान है। अगर आप भी आर्थिक तंगी से परेशान हैं या जीवन में सुख-समृद्धि की कामना रखते हैं, तो अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2026) पर कुबेर चालीसा का पाठ आपको राजा के समान धनवान बना सकता है।
कुबेर चालीसा पाठ का लाभ
कुबेर चालीसा का पाठ सिर्फ धन प्राप्ति का मार्ग नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के अंदर की नकारात्मकता को भी दूर करता है। साथ ही, सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर जो व्यक्ति सच्चे भाव से कुबेर देव की पूजा-पाठ करता है, उसके घर के अन्न-धन के भंडार कभी खाली नहीं होते और परिवार में सुख-सौभाग्य बना रहता है।
कैसे करें कुबेर चालीसा का पाठ?
सुबह स्नान के बाद घर के मंदिर की सफाई करें और पीले वस्त्र धारण करें।
पूजा स्थल पर कुबेर देव की मूर्ति स्थापित करें।
उन्हें हल्दी, अक्षत और पीले फूल अर्पित करें।
गाय के घी का दीपक जलाएं और उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
पूरी श्रद्धा के साथ कुबेर चालीसा का पाठ करें।
पाठ के बाद कुबेर मंत्र 'ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः' का 108 बार जप करें।
अंत में आरती करें।

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