ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत ने 'ऑपरेशन सिंधु' शुरू

 ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत ने 'ऑपरेशन सिंधु' शुरू

पश्चिम एशिया में युद्ध की आहट के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा बचाव अभियान शुरू किया है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के मद्देनजर विदेश मंत्रालय ने न केवल एडवाइजरी जारी की है, बल्कि वहां फंसे भारतीयों को सुरक्षित वतन वापस लाने के लिए 'ऑपरेशन सुरक्षा' (Operation Suraksha) का आगाज भी कर दिया है। भारत सरकार ने ईरान में बिगड़ते हालात के बीच मिशन मोड में काम शुरू किया है। विदेश मंत्रालय ने इस पूरे रैस्क्यू अभियान को 'ऑपरेशन सुरक्षा' का नाम दिया है। इस मुहिम के तहत पहले विशेष विमान के जरिये करीब 220 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित दिल्ली लाया गया है। वहीं, दूसरा विमान (C-17 ग्लोबमास्टर) ईरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भर चुका है और इसके शुक्रवार देर रात तक हिंडन एयरबेस पहुंचने की संभावना है।



ईरान में कितने भारतीय और क्या है उनकी स्थिति ?

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ईरान में लगभग 12,000 से 15,000 भारतीय रहते हैं। इनमें बड़ी संख्या में छात्र, आईटी पेशेवर और व्यापारी शामिल हैं। वर्तमान में करीब 4,000 भारतीय ईरान के ऐसे क्षेत्रों में फंसे हुए हैं जहां प्रदर्शन और सैन्य हलचल सबसे अधिक है। विदेश मंत्रालय इन सभी के संपर्क में है और प्राथमिकता के आधार पर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को पहले निकाला जा रहा है।


ईरान में कितने भारतीय और क्या है उनकी स्थिति ?

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ईरान में लगभग 12,000 से 15,000 भारतीय रहते हैं। इनमें बड़ी संख्या में छात्र, आईटी पेशेवर और व्यापारी शामिल हैं। वर्तमान में करीब 4,000 भारतीय ईरान के ऐसे क्षेत्रों में फंसे हुए हैं जहां प्रदर्शन और सैन्य हलचल सबसे अधिक है। विदेश मंत्रालय इन सभी के संपर्क में है और प्राथमिकता के आधार पर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को पहले निकाला जा रहा है।


विदेश मंत्रालय की सक्रियता और कंट्रोल रूम

भारत का विदेश मंत्रालय इस समय 'हाई अलर्ट' पर है। दिल्ली में एक विशेष 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि भारत की प्राथमिकता अपने नागरिकों की जान बचाना है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है, ताकि भारतीयों को हवाई अड्डे तक पहुंचने में कोई बाधा न आए।

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