राहुल का मप्र कांग्रेस नेताओं को साफ संदेश—प्लानिंग नहीं,रिजल्ट चाहिए
राहुल का मप्र कांग्रेस नेताओं को साफ संदेश—प्लानिंग नहीं,रिजल्ट चाहिए
दिल्ली में मप्र कांग्रेस का मंथन
भोपाल। दिल्ली में बुधवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस की अहम बैठक हुई। इसमें पार्टी ने अब सिर्फ मुद्दे उठाने की नहीं,बल्कि जमीन पर असर दिखाने वाली राजनीति की दिशा तय की है। कांग्रेस नेतृत्व ने साफ कर दिया कि हर वर्ग के लिए अलग घोषणा नहीं,बल्कि जिम्मेदारी तय कर फॉलोअप और रिजल्ट दिखाना प्राथमिकता होगी।
दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में हुई इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल मौजूद रहे। राहुल गांधी ने मप्र कांग्रेस नेताओं से कहा कि एसटी, एससी, ओबीसी, महिलाएं और अल्पसंख्यक—हर वर्ग की समस्याएं अलग हैं। पहले उन्हें समझा जाए, फिर उनके समाधान के लिए समयबद्ध और मापने योग्य योजना बनाई जाए।
पद नहीं, परफॉर्मेंस दिखे
सूत्रों के मुताबिक,राहुल गांधी ने संगठन में जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों का मूल्यांकन काम के आधार पर होगा। किसे क्या जिम्मेदारी दी गई है और उसका नतीजा क्या निकला,इसकी नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है। उन्होंने संकेत दिए कि निष्क्रिय पदाधिकारियों पर आगे सख्ती हो सकती है।
एसआईआर और इंदौर दूषित जलकांड पर सख्त रुख
बताया जाता है कि बैठक में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मामला भी उठा। पार्टी नेतृत्व ने इसे लोकतंत्र से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताते हुए जोरशोर से उठाने के निर्देश दिए। बैठक में इंदौर में प्रदूषित जल से हुई मौतों के मामले में भी चर्चा हुई। पार्टी नेताओं ने इसे प्रशासनिक लापरवाही करार देते हुए राज्य सरकार को घेरने की रणनीति बनाने के निर्देश दिए। माना जा रहा है कि कांग्रेस विधानसभा के बजट सत्र में इस मामले में सरकार को घेरने की कोशिश करेगी।
संगठन विस्तार और मनरेगा भी एजेंडे में
बैठक में संगठन विस्तार, ब्लॉक और जिला स्तर पर रिक्त पदों की शीघ्र नियुक्ति तथा मनरेगा में कथित अनियमितताओं व योजना का नाम बदले जाने को लेकर भी चर्चा हुई। कांग्रेस नेतृत्व ने साफ कहा कि रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे अगले चुनाव में अहम भूमिका अदा कर सकते हैं,लिहाजा इन पर रणनीति बनाकर काम किया जाए।
पहले मप्र के नेताओं की सुनी बात
बैठक में मप्र कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी,सांसद दिग्विजय सिंह,प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी,नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार,सीडब्लयूसी सदस्य कमलेश पटेल मौजूद रहे। शुरुआत में पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने सभी नेताओं की बात बारी—बारी से ध्यान से सुनी। बाद में अपना फैसला सुनाया। बैठक के जरिए कांग्रेस ने संकेत दे दिया है कि मध्यप्रदेश में पार्टी अब सिर्फ विरोध की राजनीति नहीं, बल्कि ठोस एजेंडा पर काम करेगी।
मप्र में असंतोष को मुद्दा बनाएगी कांग्रेस
बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने मीडिया से कहा कि मध्यप्रदेश में हर वर्ग परेशान हैं। कांग्रेस का फोकस अब आमजन के असंतोष को मुद्दों में बदलने और सड़क से सदन तक मजबूती से उठाने पर रहेगा। उन्होंने संकेत दिए कि आगामी महीनों में आंदोलन और जनता से संवाद तेज किया जाएगा।

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