शुभमन गिल ने टी20 विश्व कप के लिए टीम में नहीं चुने जाने पर तोड़ी चुप्पी
शुभमन गिल ने टी20 विश्व कप के लिए टीम में नहीं चुने जाने पर तोड़ी चुप्पी
भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल को अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली थी। गिल अब न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में टीम की कमान संभालेंगे। उन्होंने इससे पहले टी20 विश्व कप टीम में जगह नहीं बना पाने पर चुप्पी तोड़ी। गिल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज तक भारतीय टीम के उपकप्तान थे, लेकिन उन्हें इस वैश्विक टूर्नामेंट के लिए 15 सदस्यीय टीम में शामिल नहीं किया गया था।
टीम में नहीं चुने से चिंतित नहीं गिल
गिल हालांकि, विश्व कप टीम में चुने जाने से चिंतित नहीं है। गिल ने कहा कि वह चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करते हैं और जब भी मौका मिलेगा अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान देने की कोशिश करेंगे। गिल ने भारत के लिए 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 869 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 28.03 और स्ट्राइक रेट 138.59 का रहा है। भारत टी20 विश्व कप से पहले तीन वनडे और पांच टी20 मुकाबले खेलेगा। विश्व कप की शुरुआत सात फरवरी से होगी।
न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के शुरुआती वनडे से पहले गिल ने कहा, मैं वहीं हूं, जहां मुझे होना है। मेरी तकदीर में जो लिखा है उसे कोई मुझसे नहीं छीन सकता। एक खिलाड़ी हमेशा यह मानता है कि वह देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देगा। चयनकर्ताओं ने अपना निर्णय लिया है। मैं हमेशा वर्तमान में रहने की कोशिश करता हूं, इससे जीवन आसान हो जाता है। मैं टीम को टी20 विश्व कप के लिए शुभमकामनाएं देता हूं।
गिल बोले- किसी प्रारूप को आसान नहीं मानना चाहिए
गिल ने कहा, जब हम पिछली बार न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे खेले थे तब मेरा पदार्पण हुआ था और मैं हमेशा उस दिन को संजोकर रखता हूं। किसी भी प्रारूप को आसान नहीं मानना चाहिए। अगर आप देखें, तो भारतीय टीम ने 2011 के बाद कोई वनडे विश्व कप नहीं जीता है। ऐसे में कोई भी प्रारूप आसान नहीं होता और इसके लिए बहुत मेहनत और दृढ़ संकल्प की जरूरत होती है।
गिल को पिछले साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट और उसके बाद की वनडे सीरीज छोड़नी पड़ी थी, क्योंकि कोलकाता में पहले टेस्ट के दूसरे दिन लगी गर्दन की चोट के कारण उन्हें दो दिन अस्पताल में रहना पड़ा। भारतीय कप्तान ने कहा, किसी मैच को छोड़कर टीम को खेलते हुए देखना कभी आसान नहीं होता। कप्तान के रूप में बहुत कुछ करना होता है, आपको गति बनानी होती है और उसी पर निर्माण करना होता है।

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