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छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं डिजिटल फोरेंसिक लैब - हाई कोर्ट

 छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं डिजिटल फोरेंसिक लैब - हाई कोर्ट

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य से जुड़े विशेषज्ञों और प्रयोगशाला की अनुपलब्धता को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने मामले को सुना।


खंडपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब तलब किया। साथ ही पूछा कि डिजिटल फोरेंसिक लैब और विशेषज्ञ क्यों नहीं हैं? कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता शिरीन मालेवर ने अधिवक्ता रुद्र प्रताप दुबे और गौतम खेत्रपाल के माध्यम से जनहित याचिका दाखिल की थी।

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