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43 दिन उल्टी चाल चलेंगे शुक्र

 43 दिन उल्टी चाल चलेंगे शुक्र

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि ग्रहों के राशि परिवर्तन, मार्गी (सीधी चाल) और वक्री अवस्था (उल्टी चाल) में आने का सीधा असर मानव जीवन पर पड़ता है।

अब भाग्य के कारक और भौतिक सुख प्रदान करने वाले ग्रह शुक्र 02 मार्च को अपनी उच्च राशि मीन में वक्री होने वाले हैं। शुक्र को सुख, वैभव, भोगविलास और सौंदर्य का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार शुक्र ग्रह 2 मार्च को सुबह 6:02 बजे वक्री होंगे और 13 अप्रैल को सुबह 6:36 पर मार्गी होंगे। शुक्र ग्रह मीन राशि में वक्री होंगे।

शुक्र ग्रह का प्रभाव (Shukra Vakri March Effect)

शुक्र ग्रह की अच्छी स्थिति होने से जीवन में कई सुख-सुविधाएं मिलती हैं। वैवाहिक जीवन में भी शुक्र का असर पड़ता है। कुंडली में ये ग्रह मजबूत हालत में हो तो दांपत्य जीवन सुखद रहता है। वहीं शुक्र की कमजोर स्थिति वैवाहिक जीवन को खराब कर सकती है। शुक्र का प्रभाव इनकम, खर्चा, शारीरिक सुख-सुविधाएं, शौक और भोग-विलास पर होता है।

इस ग्रह के कारण विवाह, पत्नी, अपोजिट जेंडर और सुख संबंधी मामलों में शुभ-अशुभ बदलाव देखने को मिलते हैं। इसके अशुभ प्रभाव से खांसी और कमर के निचले हिस्सों में बीमारी होती है। शुक्र सभी ग्रहों में सबसे ज्यादा चमकदार है। इसका राशि बदलना ज्यादातर लोगों के लिए शुभ ही होता है।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार शुक्र जब वक्री स्थिति में आते हैं, तो जातक को मिले-जुले परिणाम देते हैं। इसकी वजह से भौतिक सुखों में कमी आ सकती है, प्रेम संबंधों में तनाव आ सकता है या रिश्तों में तनाव पैदा हो सकता है।

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