Header Ads

Header ADS

गांधीनगर में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संबोधित किया

 गांधीनगर में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संबोधित किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने न्याय-आधारित, विकसित भारत को आकार देने में फोरेंसिक विज्ञान की  भूमिका को महत्‍वपूर्ण बताया है। आज गांधीनगर में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्‍होंने एक विकसित भारत के दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला जो भारतीय विरासत को आधुनिकता के साथ जोड़ता है, सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करता है।


राष्ट्रपति ने अपराध की लगातार बदलती प्रकृति के मद्देनजर समय पर न्याय देने में फोरेंसिक विज्ञान के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों से हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए न्याय सुनिश्चित करने में योगदान देने का आग्रह किया। राष्ट्रपति ने फोरेंसिक विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करने और वैज्ञानिक आपराधिक न्याय प्रणाली स्थापित करने के प्रयासों के लिए भी विश्वविद्यालय की सराहना की।

राष्ट्रपति मुर्मु ने फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में महिला स्नातकों की बढ़ती संख्या पर भी खुशी व्यक्त की।

दीक्षांत समारोह में फोरेंसिक विज्ञान के डेढ़ हजार से अधिक छात्रों को डिग्री और डिप्लोमा वितरित किए गए। समारोह में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हरीश सांगवी भी मौजूद थे।

No comments

Powered by Blogger.