Google Analytics एमपी में फिर बढ़ा बाघों का कुनबा - Pipariya Peoples latest News update

एमपी में फिर बढ़ा बाघों का कुनबा

 एमपी में फिर बढ़ा बाघों का कुनबा

राजधानी के जंगलों में नए शावकों के पगमार्क मिले हैं। ये शावक टी123 के हो सकते हैं। वन अमला पुष्टि करने में लगा है। वन क्षेत्र के कई हिस्सों में पगमार्क के लिए व्यवस्था हुई है। वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक वन क्षेत्र में नन्हें शावकों की मौजूदगी है, लेकिन ट्रैप कैमरे में अब तक तक कोई दर्ज नहीं हो पाया। 

 ऐसे में वन अमला अलर्ट मोड पर है। कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है। बाघिन टी 123 की लोकेशन की भी तलाश की जा रही है। बाघिन और लोगों की सुरक्षा के लिए लोगों के वन क्षेत्र में प्रवेश पर पाबंदी लगाई है। प्रतिबंधित किया गया है।


आठ टाइगर की मां है टी123

टी-123 आठ टाइगर की मां है। इसके चार शावक दो साल से ज्यादा उम्र के हो चुके हैं, जो वन क्षेत्र के दो अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं। ये मांग से अलग हो चुके हैं। इस दौरान टी 123 के फिर से मां बनने की बात सामने आई है। हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई।

वन क्षेत्र में नए साल के धमाल पर पाबंदी

नए साल का जश्र वन क्षेत्र में नहीं मनाया जा सकेगा। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक वन क्षेत्र में आवाजाही पर प्रतिबंध है। नए साल में आवाजाही ज्यादा होती है ऐसे में इसका कढ़ाई से पालन होगा। अमला तैनात रहेगा।

पगमार्क और ट्रैस कैमरों के सहारे पुष्टि

बाघ के शावकों की मौजूदगी के प्रमाण मिले हैं। पगमार्क और ट्रैस कैमरों के सहारे इसकी पुष्टि की जा रही है। इसके अलावा वन क्षेत्र में प्रवेश पर प्रतिबंध है। वन्यजीवों और लोगों की सुरक्षा के लिए ऐसा किया गया है। 

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