Google Analytics 800 साल प्राचीन नागतीर्थ शिखरधाम मंदिर से जुड़ी लाखों भक्तों की आस्था - Pipariya Peoples latest News update

800 साल प्राचीन नागतीर्थ शिखरधाम मंदिर से जुड़ी लाखों भक्तों की आस्था

 800 साल प्राचीन नागतीर्थ शिखरधाम मंदिर से जुड़ी लाखों भक्तों की आस्था

निमाड़-मालवा का प्रसिद्ध नागतीर्थ शिखरधाम भिलटदेव मंदिर लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र हैं। सतपुड़ा की ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर करीब 800 वर्ष पुराना है। विविध किवदंतियों के साथ प्रसिद्ध इस मंदिर में नागपंचमी पर विशेष मेला लगा है। इसमें आज पांच लाख से अधिक श्रद्धालु के पहुंचने की संभावना है।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने यहां पर उज्जैन के महाकाल महालोक की तर्ज पर भिलटदेव महालोक बनाने की घोषणा की थी। जिसके तहत यहां पर भिलटदेव महा नागलोक का निर्माण जारी है। यहां शिखरधाम की पहाड़ी से सतपुड़ा का प्राकृतिक नैसर्गिक सौंदर्य देखते ही बनता है। हालही में यहां पर तीन किमी लंबी नई सीसी रोड भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाई गई है।

हरदा जिले में हुआ था भिलटदेव का प्राकट्य

नागलवाड़ी शिखरधाम भिलटदेव मंदिर समिति के अध्यक्ष दिनेश यादव के अनुसार यह मंदिर 800 वर्ष प्राचीन है। कहा जाता है कि विक्रम संवत 2012 में भिलटदेव का प्राकट्य मप्र के हरदा जिले के ग्राम रोल गांव में जन्म हुआ था।

सतपुड़ा पर्वत की चोटी पर करीब 2200 मीटर की ऊंचाई पर विराजमान है भिलटदेव सरकार। नागलवाड़ी शिखरधाम भगवान की तपस्या स्थली है। मंदिर का जीर्णोद्वार राजस्थानी बंशी पहाड़पुर गुलाबी रंग के पत्थरों से वर्ष 2015 में हुआ था।

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