रोजगार निर्माण नयी ऊंचाइयों पर, कौशल विकास से युवाओं को वैश्विक अवसर - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी



 दिल्ली, 12 अक्टूबर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत में रोजगार के नए अवसरों का निर्माण इस समय नयी ऊंचाइयों को छू रहा है ओर बेरोजगारी दर छह वर्ष के न्यूनतम स्तर पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार कौशल विकास को बढ़ा देश कर हमारे युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर अवसर बढ़ाने में लगी है। प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत की अर्थव्यवस्था का जैसे-जैसे विस्तार हो रहा है, आप जैसे युवाओं के लिए नई संभावनाएं बनती जा रही हैं। अभी हाल ही में हुए एक सर्वे में सामने आया है कि भारत में रोजगार निर्माण एक नई ऊंचाई पर पहुंचा है। भारत में बेरोजगारी दर अपने छह साल के सबसे निचले स्तर पर है।”



 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कौशल दीक्षांत समारोह को वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों, दोनों में ही बेरोजगारी तेजी से कम हो रही है। जिसका मतलब है कि विकास का लाभ गांव और शहर, दोनों ही जगहों पर बराबर पहुंच रहा है। दोनों ही जगहों पर नए अवसर भी समान रूप से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे में सामने आया है कि भारत की श्रमिक आबादी में महिलाओं की भागीदारी में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने इसे नारी सशक्तिकरण की योजनाओं और अभियानों का प्रभाव बताया है। कौशल विकास मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कौशल विकास से जुड़े संस्थानों का यह साझा समारोह था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सराहनीय पहल बताया और कहा कि यह आज के भारत की प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है। उन्होंने इस आयोजन में देश भर से जुड़े युवाओं को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का हवाला देते हुए कहा कि भारत आने वाले वर्षों में विश्व की सबसे तेजी से वृद्धि करने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। उन्होंने कहा कि इस बात का पूरा विश्वास है कि भारत अगले तीन-चार साल में दुनिया की पहली तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाएगा। जिससे आपके लिए (युवाओं के लिए) नए अवसर बनेंगे, आपको रोजगार-स्वरोजगार के और ज्यादा मौके मिलेंगे।' प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी देश के प्राकृतिक संसाधनों और सामर्थ्य को उपयोग में लाने के लिए जिस एक महत्वपूर्ण शक्ति की जरूरत होती है, वो है युवा शक्ति। और यह युवाशक्ति जितनी सशक्त होती है, उतना ही देश का विकास होता है, देश के संसाधनों के साथ न्याय होता है। उन्होंने कहा कि आज भारत इसी सोच के साथ अपनी युवाशक्ति को सशक्त कर रहा है, पूरे परिस्थितिकी तंत्र में अभूतपूर्व सुधार कर रहा है। और इसमें भी देश की अप्रोच दोतरफा है। हम अपने युवाओं को कौशल और शिक्षा के माध्यम से नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार कर रहे हैं और सरकार करीब चार दशक बाद नई शिक्षा नीति लेकर आयी है।


 प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार काम देने वाले और परंपरागत क्षेत्रों को बढ़ावा दे रही है। आज भारत विभिन्न उद्योगों में निर्यात और विनिर्माण के नए रिकॉर्ड बना रहा है। साथ ही, भारत, स्पेस, स्टार्टअप्स, ड्रोन, एनिमेशन, इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर, जैसे कई क्षेत्रों में आप जैसे युवाओं के लिए बड़ी संख्या में नए अवसर भी तैयार कर रहा है। आज पूरी दुनिया मान रही है कि ये सदी भारत की सदी होने वाली है। और इसके पीछे भी बहुत बड़ी वजह भारत की युवा आबादी ही है। पूरी दुनिया स्किल्ड युवाओं के लिए भारत की तरफ देख रही है। हाल में जी20 शिखर सम्मेलन में वैश्विक कौशल मानचित्रण (ग्लोबल स्किल मैपिंग) को लेकर भारत के प्रस्ताव को स्वीकार किया गया है। इससे देश के युवाओं के लिए आने वाले समय में और बेहतर अवसर बनेंगे। श्री मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों में स्किल (कौशल विकास) पर उतना ध्यान नहीं दिया गया था। हमारी सरकार ने इसके लिए अलग से मंत्रालय बनाया, अलग से बजट दिया। भारत में कौशल विकास का दायरा लगातार बढ़ रहा है। हम सिर्फ मैकेनिक, इंजीनियर, टेक्नॉलॉजी, या कोई दूसरी सर्विस, इतने तक ही सीमित नहीं है। अब जैसे महिलाओं से जुड़े सेल्फ हेल्प ग्रुप्स हैं। अब ड्रोन टेक्नॉलॉजी के लिए महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को तैयार किया जा रहा है। पीएम विश्वकर्मा योजना से इनके इस परंपरागत कौशल को आधुनिक टेक्नॉलॉजी और टूल्स से जोड़ा जा रहा है।

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