नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने वाले आरोपितों के घर तोड़े गए


मध्‍य प्रदेश के सतना जिले के मैहर में 11 साल की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था। शनिवार की सुबह 11 बजे प्रशासन जेसीबी लेकर उदयपुर स्थित रविंद्र चौधरी के घर पहुंचा और आरोपितों के घर जमींदोज कर दिए। एसडीएम मैहर ने बताया कि रवीन्द्र कुमार रवि और अतुल बढौलिया के परिजनों को गत दिवस नोटिस दिया गया था। जांच में पाया गया कि उनका मकान अवैध रूप से बना हुआ है जिसे शनिवार जेसीबी की सहायता से तोड़ा गया है। डॉक्टरों की मानें तो अभी पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान रवीन्द्र कुमार रवि और अतुल बढौलिया के रूप में की गई है। दोनों आरोप‍ित मैहर मंदिर प्रबंध समिति की गौशाला के कर्मचारी हैं।



अगर शासन फांसी नहीं देता है तो हम उनकी हत्या कर देंगे


पीड़िता के दादा ने  कहा कि दोनों ही दरिंदों को फांसी दी जानी चाहिए । उन्होंने बताया कि इस परिषद में उनकी पोती उन्हें मिली थी ऐसा लगा कि वह मर ही गई है लेकिन बाद में पता चला कि वह जिंदा है। पीड़िता की मां ने कहा कि रवीन्द्र कुमार रवि और अतुल बढौलिया को मेरी आंखों के सामने फांसी दी जानी चाहिए। आक्रोशित पीड़िता के दादा ने कहा कि अगर शासन उन्हें उसे फांसी नहीं देता है तो उनकी हत्या कर देंगे।


क्या थी घटना


बच्ची गत गुरुवार दोपहर करीब एक बजे घर के बाहर से लापता हो गई थी। शुक्रवार सुबह वह लौटी। उसकी हालत बेहद खराब थी। वजह पूछने पर उसने परिजन को वारदात की जानकारी दी।इसके बाद परिजन स्थानीय लोगों के साथ थाने पहुंचे और मामला दर्ज कराया है।



मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के निर्देश-कोई अपराधी बचना नहीं चाहिये


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा इंटरनेट मीडिया ट्वीट कर कहा कि मैहर की बेटी के साथ दुष्कर्म की जानकारी मिली है मन पीड़ा से भरा हुआ है व्यथित हू मैंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि कोई अपराधी बचना नहीं चाहिए पुलिस ने अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि बेटी के समुचित इलाज की व्यवस्था की जाए कोई भी अपराधी बचेगा नहीं कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।


पुलिस ने पीड़िता को परिजन और स्टाफ के साथ मेडिकल चेकअप के लिए मैहर सिविल हॉस्पिटल भेजा। यहां जांच के बाद बच्ची को इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल भेज दिया गया है। जानकारी मिलते ही मैहर एसडीएम सुरेश जाधव, एसडीओपी लोकेश डावर, टीआई अनिमेष द्विवेदी और तहसीलदार जितेंद्र पटेल भी सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी ली। बच्ची के इलाज के संबंध में डॉक्टरों से चर्चा भी की।



मेडिकल में हुई दुष्‍कर्म की पुष्टि


मैहर एसडीएम सुरेश जाधव ने बताया कि नाबालिग को बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर किया है। टीआई अनिमेष द्विवेदी उसके साथ गए हैं। वहीं, एसडीओपी लोकेश डावर ने बताया कि मेडिकल में नाबालिग के साथ रेप की पुष्टि हुई है। हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।



कमल नाथ ने साधा सरकार पर न‍िशाना


मासूम से गैंगरेप की इस घटना पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ ने सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा- मध्यप्रदेश में रोज ऐसी घटनाएं हो रही हैं। इनमें से कई सामने नहीं आती हैं। बच्चों के साथ बलात्कार, महिलाओं पर अत्याचार, आदिवासी अनुसूचित जनजाति वर्ग पर अत्याचार आज मध्यप्रदेश की छवि बन गई है। यहां कानून-व्यवस्था नहीं बची है। अपराधी बेखौफ हैं। किसी को किसी का डर नहीं है।कमल नाथ ने पीड़िता को बेहतर उपचार और एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता की मांग की है।


शारदा मंदिर प्रबंध समिति ने दोनों को सेवा से पृथक किया


मैहर में मां शारदा देवी मंदिर प्रबंधन समिति के दो कर्मचारियों को अशोभनीय कृत्य और मैहर थाने में लैंगिक अपराध का प्रकरण दर्ज होने पर सेवा से पृथक कर दिया गया है। प्रबंधन समिति द्वारा रखे गए कर्मचारी रवीन्द्र कुमार रवि और अतुल बढौलिया की सेवाएं प्रशासक मां शारदा देवी मंदिर प्रबंधन समिति एवं एसडीएम मैहर सुरेश जादव ने समाप्त कर दी है।


प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि बेटी के समुचित इलाज की व्यवस्था की जाए ।



कलेक्टर ने जारी की सहायता राशि


पीड़ित बच्चे के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कलेक्टर अनुराग वर्मा द्वारा रेड क्रॉस चेक 50000 की आर्थिक सहायता कराई गई है।



आरोपितों के घर पर चलेगी प्रशासन की जेसीबी


एसडीएम मैहर सुरेश जाधव ने नईदुनिया से बातचीत करते हुए कहा कि आरोपितों के घर गिरा जाएंगे इसके लिए उन्हें नोटिस जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अभी भी पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है। उसके इलाज के लिए समुचित उपाय किए जा रहे हैं।


दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी


इस घटना को अंजाम देने वाले दरिंदों ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी। दरअसल, दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने के बाद भी जब दरिंदों को संतोष नहीं हुआ, तो उन्होंने नाबालिग के नाजुक अंग में लकड़ी डाल दी। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब खून से लथपथ होकर नाबालिग आज सुबह अपने घर पहुंची। जहां पर उसके परिजन उसे लेकर सीधे थाने पहुंचे।

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