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आज दिखाई देगा बक मून, क्यों खास हैं जुलाई में होने वाली ये खगोलीय घटना




भोपाल, 03 जुलाई/ आज देशभर में गुरु पूर्णिमा पर्व उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसके अलावा जुलाई माह में आज गुरु पूर्णिमा को सुपर मून भी दिखाई देगा, जिसे Buck Moon भी कहा जाता है। Buck Moon के दौरान चंद्रमा पहले की तुलना में काफी बड़ा और चमकीला दिखाई देगा क्योंकि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी के करीब होगी। सोमवार, 3 जुलाई को सुबह 7:38 बजे के बाद चंद्रमा का आकार बढ़ने लगेगा।


हिरण के सींगों का प्रतीक है Buck Moon

नासा की रिपोर्ट के अनुसार पूर्णिमा 03 जुलाई को चंद्रमा की रोशनी तेजी होती जाएगी। आगामी तीन दिनों में चंद्रमा पूर्ण रूप से दिखाई देगा। बक मून को नए सींगों का प्रतीक माना जाता है, जो हिरण के माथे पर उभरते हैं। कुछ स्थानों पर इसे थंडर मून, हे और विर्ट मून भी कहा जाता है। गर्मियों में बार-बार आने वाले तूफानों के कारण मूल अमेरिकी इसे सैल्मन मून, रास्पबेरी मून और थंडर मून भी कहते हैं।

नासा के मुताबिक "सुपर मून" शब्द खगोलशास्त्री रिचर्ड नोल द्वारा 1979 में गढ़ा गया था। हिंदू, बौद्ध और जैन समुदायों में पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन को गुरु की सम्मान के लिए समर्पित किया गया है।

गुरु पूर्णिमा का त्योहार व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसी दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। ऐसा माना जाता है कि सबसे पहले वेदों की शिक्षा महर्षि वेदव्यास ने ही दी थी इसलिए हिन्दू धर्म में उन्हें प्रथम गुरु का दर्जा दिया गया है। यही वजह है कि गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।

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