Google Analytics प्रदेश में बारिश-ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली की चपेट में आने से युवक की मौत - Pipariya Peoples latest News update

प्रदेश में बारिश-ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली की चपेट में आने से युवक की मौत



मध्यप्रदेश में शुक्रवार को भी मौसम बदला हुआ है। कई इलाकों में बारिश और ओले गिरे हैं। बारिश का दौर एक-दो दिन और बना  रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कई इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। जानकार बता रहे हैं कि तीन वेदर सिस्टम मप्र के मौसम पर असर डाल रहे हैं। इनके ए्क्टिव होने से वातावरण में नमी आ रही है और अधिकतर शहरों में बादल बने हुए हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में कहीं–कहीं वर्षा भी हो रही है। वहीं अनूपपुर के पुष्पराजगढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से जय सिंह पिता बजारू की मौत हो गई है। 



शुक्रवार दोपहर पन्ना में जोरदार बारिश शुरू हो गई। जिला मुख्यालय पर कुछ देर छोटे-छोटे ओले भी गिरे हैं। नीमच, भिंड, मुरैना, अनूपपुर, शिवपुरी, मंदसौर, श्योपुरकलां, हरदा, विदिशा, रायसेन में बारिश हुई। इसके साथ ही सिंगरौली में ओले गिरे। नर्मदापुरम में शुक्रवार सुबह से रिमझिम बारिश जारी है। भोपाल के कोलार क्षेत्र में सुबह 10 बजे बूंदाबांदी हुई। उमरिया जिले में रुक रुक कर बारिश हुई है। थोड़ी देर के लिए तेज हवाओं के साथ जब झमाझम बारिश हुई तो लोग काफी परेशान दिखाई दिए। उमरिया में मौसम अचानक बदला। दिन के समय अचानक का काले बादल घिर गए और बारिश होने लगी। 



मौसम केंद्र की रिपोर्ट कह रही है कि बीते 24 घंटों के दौरान पुष्पराजगढ़ में 2, कोतमा, अनूपपुर, नारायणगंज, जैतहरी, बुढ़ार में 1 सेमी तक पानी गिरा है। प्रदेश में सबसे गर्म दमोह रहा। यहां दिन का पारा 39 डिग्री तक पहुंच गया है। अधिकतम तापमान में वैसे ज्यादा परिवर्तन नहीं देखा गया। अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान कहता है कि शहडोल, जबलपुर, रीवा संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में तथा खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, नीमच, मंदसौर जिलों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। विभाग ने ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। जिसके मुताबिक शहडोल, जबलपुर, रीवा संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और आंधी चलने की आशंका जताई गई है। 


मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में मौजूद है। उसके असर से उत्तर–पश्चिमी राजस्थान में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के मध्य में भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात है। इस चक्रवात से लेकर पूर्वी मध्य प्रदेश से विदर्भ, तेलंगाना से होकर केरल तक एक द्रोणिका लाइन बनी हुई है। अलग–अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के असर से मिल रही नमी के कारण मध्य प्रदेश में बादल छाए हुए हैं। साथ ही कहीं–कहीं वर्षा हो रही है। इस तरह का मौसम शनिवार को भी बना रहने की संभावना है। शुक्रवार को ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में वर्षा हो सकती है। राजधानी में भी दोपहर के बाद गरज–चमक के साथ कहीं–कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। बादल बने रहने के कारण दिन के तापमान में गिरावट हो सकती है।


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