Google Analytics PG कालेज कांड पर मौन ABVP-:कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी कोई यूँ ही चुप नहीं रहता! - Pipariya Peoples latest News update

PG कालेज कांड पर मौन ABVP-:कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी कोई यूँ ही चुप नहीं रहता!


पिपरियाः-शहर के PG कालेज में पिछले एक माह से   रैकवार बाबू की आत्म हत्या को लेकर हड़कम्प मचा हुआ है।इस आत्म हत्या के बाद खुलासा हुआ की रैकवार बाबू एक 15 पेज का सुसाइड नोट छोड़ कर गए है।जिसमें प्रिंसिपल राजीव माहेश्वरी एवं साथियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।इसके कुछ दिन बाद कालेज से जुड़े चपरासी मकरंद विश्वकर्मा ने पत्नी-बेटी सहित फाँसी लगा ली।कालेज से जुड़े लोगों की आत्म हत्याओं पर जंहा पूरा शहर स्तब्ध होते हुए गंभीर जाँच की माँग कर रहा है तो वही दूसरी ओर आए दिन कालेज में ज़िंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे लगाने वाली अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इन आत्म हत्याओं पर  मौन धारण किए हुए है।कालेज में छोटी-बड़ी समस्याओं पर जंहा जनप्रतिनिधियो को घेर कर ज्ञापन देने वाले विद्यार्थी परिषद के छात्र नेताओ को इस मामले में जैसे सांप सूंघ गया है।इतने दिन बीत जाने के बाद भी परिषद के किसी भी छात्र नेता या पदाधिकारी ने ज्ञापन तो छोड़िए सोशल मीडिया पर तक जनता द्वारा चलाई जा रही जाँच की माँग को अपना समर्थन तक नहीं दिया है।जबकि दूसरी ओर शहर का हर आम आदमी मकरंद की मौत का सही खुलासा करने की अपील पुलिस से कर रहा है।विद्यार्थी परिषद की इस चुप्पी पर जानकारो का कहना है की “कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी कोई यूँ ही चुप नहीं रहता है”।

-:माहेश्वरी का विरोध करती रही है परिषदः-

PG कालेज में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य का कई बार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने विरोध किया है।परिषद नेता माहेश्वरी पर संगठन की अनदेखी करने का आरोप प्रांतीय नेताओ के सामने तक कर चुके है।इसके पहले भी प्रिंसिपल राजीव माहेश्वरी का तबादला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के स्थानीय संगठन की नाराज़गी के चलते किया गया था।परंतु माहेश्वरी ने इसे कुछ माह बाद रद्द करा कर फिर पिपरिया PG कालेज में अपनी पदस्थापना करा ली थी।वही सूत्र बताते है की माहेश्वरी के पुनः कालेज प्रिंसिपल बनने पर विद्यार्थी परिषद नेता और माहेश्वरी के बीच समझौता हुआ था।इसी समझौते के कारण परिषद के स्थानीय  नेताओ ने माहेश्वरी का विरोध करना बंद कर दिया।यही कारण है की कालेज में आत्म हत्याओं जैसे कांड में भी विद्यार्थी परिषद चुपचाप तमाशा देख रही है।

-:NSUI ने मारी बाज़ी-:

उच्च शिक्षा संस्थाओ में राजनीति करने वाली NSUI एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद परस्पर एक दूसरे के विरोधी है।दोनो ही संगठन छात्रों के हित में काम करने का दावा करते है।परंतु पिपरिया PG कालेज में घट रही घटनाओं का विरोध करने में NSUI ने परिषद से बाज़ी मार ली है।NSUI के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने नर्मदापुरम पहुँच कर इस प्रकरण में उच्च स्तरीय जाँच के लिए कलेक्टर-SP को ज्ञापन दिया तो वहीं पिपरिया पहुँच कर पत्रकारवार्ता का आयोजन कर पिपरिया पुलिस की लापरवाह कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान भी लगाएँ है।वही आशुतोष ने स्थानीय भाजपा नेताओ पर गंभीर आरोप भी लगाते हुए इस मामले की जाँच SIT से कराने के लिए मुख्यमंत्री-DGP से सोमवार को भोपाल में मुलाक़ात करने  का दावा किया है।NSUI के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा इस मामले को पिपरिया में उठाने के बाद भी विद्यार्थी परिषद नेताओ की चुप्पी जनता की समझ से परे हो रही है।

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