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धान घोटालाः-क्या बालाजी सिंडिकेट के ख़िलाफ़ दर्ज कराई जाएगी FIR!


पिपरियाः-क्या कस्टम मिलिंग के माध्यम से सरकारी धान को खुर्द-बुर्द करने वाले बालाजी सिंडिकेट के ख़िलाफ़ अब FIR दर्ज कराई जाएगी।धान घोटाले मामले में यह सवाल अब उठने लगा है।क्योंकि बालाजी सिंडिकेट ने क़रीब 19 लाट का 8 हज़ार क्विंटल सरकारी धान का चांवल बना कर अभी तक विभाग के पास जमा नहीं किया है।जबकि इस वर्ष सरकार ने धान दराई की दरों में बे तहाशा वृद्धि करते हुए मिल मालिकों को राहत दी थी।परंतु इसके बाद भी राईस मिल मालिक तरह-तरह की कालाबाजारी चालों का उपयोग कर उक्त धान का चांवल जमा कराने में रुचि नहीं ले रहे है।वही DMO सहित ज़िले के वरिष्ठ अधिकारी लगातार प्रयास करते रहे की बालाजी सिंडिकेट तय समय में चांवल जमा करा दे परंतु मिल मालिक की दबंगई के चलते यह लाट जमा नहीं हो सके है।अब मामले में कई तरह के खुलासे हो रहे है।सूत्रों की माने तो उक्त मिल परिसर में न तो चांवल मौजूद है और न ही सरकारी धान कही दिखाई दे रही है।सूत्र तो यंहा तक बता रहे है की मिल मालिक ने समर्थन मूल्य पर धान ख़रीदी योजना में उक्त करीब 8 हज़ार क्विंटल धान को तुलवा दिया है।जिसके चलते ही चांवल जमा नहीं हो सके है।ज़िला विपणन अधिकारी कल्याण सिंह ठाकुर ने भी बताया की बालाजी सिंडिकेट के ख़िलाफ़ FIR का प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जा रहा है।मिल मालिक से ज़रूररी दस्तावेज ले कर आगे की कार्यवाही की जाएगी।अब देखना यह है की अधिकारी बालाजी सिंडिकेट को कितनी गंभीरता से दंडित करते है या फिर इस मिल मालिक को ऐसे ही छोड़ दिया जाता है।क्योंकि तय समय सीमा के बाद भी सरकारी धान की दराई नहीं होने का बड़ा मामला प्रकाश में आया है।जिस पर गंभीर कार्यवाही की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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