Google Analytics DMO की मिलीभगत से धान घोटाला करने वाले राईस मिलर के ख़िलाफ़ हुई FIR - Pipariya Peoples latest News update

DMO की मिलीभगत से धान घोटाला करने वाले राईस मिलर के ख़िलाफ़ हुई FIR

 पिपरियाः-बनखेड़ी में DMO विपणन की मिलीभगत से धान घोटाला करने वाले राईस मिलर माखनलाल हरलाल सोनी फ़र्म के मालिक मधु सोनी के ख़िलाफ़ बनखेड़ी थाने में सरकारी धान को खुर्द-बुर्द करने की FIR दर्ज की गई है।टी.आई उमेश तिवारी ने बताया की SDM पिपरिया की ओर से पटवारी चुन्नीलाल धुर्वे प्रतिवेदन ले कर आए थे।जिसके आधार पर धारा 420,406 के तहत मधु सोनी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है।जल्द ही आरोपी को गिरफ़्तार कर अन्य लोगों के शामिल होने की भी जाँच की जाएगी।मामले में प्रारम्भिक जाँचकर्ता बनखेड़ी तहसीलदार राजेश बौरासि ने  बताया कि उक्त मिलर की मिल का निरीक्षण किया गया था जिसमें 2165 क्विंटल सरकारी धान कम पाई गई थी।जबकि मिलर ने 7 लाट में क़रीब 3 हज़ार क्विंटल धान उठाई थी।जिसका चांवल उसे बना कर सरकार को जमा करना था।परंतु ऐसा नहीं किया गया और धान गोल कर दी गई है।वही मिल में बिजली कनेक्शन तक नहीं लिया गया।जिसके बाद भी आख़िर कैसे धान का अवांटन किया गया इसकी जाँच भी की जा रही है।





DMO की भूमिका संदिग्ध


मामले में DMO विपणन कल्याण सिंह की भूमिका पूरी तरह से संदिग्ध है।क्योंकि आख़िर मिल में चांवल बनाने की पूरी मशीने भी नहीं कसी गई और न ही बिजली कनेक्शन लिया गया बावजूद इसके राईस मिलर को 3 हज़ार क्विंटल धान चांवल बनाने के लिए कैसे आवंटित किया गया।वही मिल का स्थल निरीक्षण भी DMO द्वारा नहीं किया गया।जिससे साफ़ प्रतीत होता है की DMO की मिलीभगत से ही धान को खुर्द-बुर्द किया गया है।DMO को भी कलेक्टर नीरज सिंह ने नोटिस दिया है।वही विपणन संघ का प्रदेश कार्यालय भी अपने स्तर पर DMO की मिलीभगत की जाँच कर रहा है।जिसके बाद DMO के ख़िलाफ़ भी बड़ी कार्यवाही की जाएगी।

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