Google Analytics धन्ना सेठों की मिलें चलना ज़रूरी है,युवको की जान का क्या है वह तो मरते रहते है! - Pipariya Peoples latest News update

धन्ना सेठों की मिलें चलना ज़रूरी है,युवको की जान का क्या है वह तो मरते रहते है!


पिपरिया:-शहर में पिछले हफ़्ते हुए भीषण सड़क हादसे में रोड


किनारे खड़े ट्रेक्टर-ट्राली से टकरा कर 3 नवयुवकों की दर्दनाक मौत हो गई।जिस ट्राली से टकरा कर यह युवक़ काल के गाल में समा गए है।उसमें ओवर लोड एवं ओवर हाइट धान की बोरीयां भरी हुई थी।जो की पंचर होने पर रोड किनारे खड़ी कर दी गई थी।इस ट्राली के डाले तक पर बोरियों को भरा गया था।जिसके कारण रात के समय युवकों को अचानक कुछ दिखाई नहीं दिया।घटना के बाद आम जनता को लग रहा था की अब शहर में ऐसे ट्रेक्टर ट्राली नहीं चलेंगें पुलिस ऐसे लापरवाह वाहनो पर सख़्त कार्यवाही करेगी।परंतु ऐसा नहीं हो सका है।इस तरह के ट्रेक्टर-ट्राली आज भी बेरोक टोक अनाज के बोरे भर कर काल की गति से पिपरिया की सड़कों पर दौड़ रहे है।इन ट्रालियो में किसी ट्रक से ज़्यादा बोरे भर कर ले जाए जा रहे है।शहर की ट्रेफ़िक पुलिस रोड किनारे खड़े हो कर इन ट्रालियो का तमाशा देखने में जुटी रहती है।जबकि यही ट्रेफ़िक पुलिस आए दिन दुपहिया वाहनो की सघन जाँच कर हज़ारों रुपए के चालान आम आदमियों के काट दिया करती है।हमारे सूत्रों के अनुसार शहर में चलने वाले ओवर लोड व ओवर हाइट ट्रालियो में इलाक़े के “धन्ना सेठों”की मिलों का माल ढोया जाता है।पिपरिया मंडी परिसर में दिन भर में हज़ारों क्विंटल धान और अन्य अनाज ख़रीदने वाले प्रभावी “धन्ना सेठों”के यंहा लगे इन वाहनो पर हाथ डालने की जुर्ररत हर कोई नहीं कर पा रहा है।वही सूत्र बताते है की ट्रक के किराए से ट्राली का किराया कम हुआ करता है।जिसके कारण यह “सेठ”अपनी लागत कम करने के चक्कर में शहर की जान जोखिम में डालने को तत्पर दिखाई दिया करते है।जबकि यह ट्रेक्टर-ट्राली कृषि कार्य के लिए पंजीकृत है।परंतु इनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है।जिस पर जिम्मेदारो ने आँख बंद कर रखी है।

*:-बिना बीमा का था ट्रेक्टर:-*

पिछले सप्ताह ट्रेक्टर-ट्राली से टकरा कर मरे 3 युवको के मामले में जानकारी मिली है की ट्रेक्टर हथवाँस निवासी राहुल रघुवंशी के नाम पर दर्ज है।इस ट्रेक्टर का बीमा नहीं था।जिसके चलते हादसे में मृत तीनो युवको के परिजनों को बीमा कम्पनी से कोई भी आर्थिक मदद नहीं मिल पाएगी।वही अब मृत युवकों के परिजनों को ट्रेक्टर मालिक पर केस करना होगा जो की बीमा से मिलने वाली रक़म देने के लिए ज़िम्मेदार होगा।

*:-ट्राली में भरी धान की मिली सुपुर्दगी:-*

उक्त ट्रेक्टर-ट्राली में धान के बोरे भरे हुए थे।जो की खापरखेड़ा के पास स्थित राइस मिल में जा रहे थे।जाँचकर्ता अधिकारी महेश धुर्वे ने बताया की उक्त धान को किसान के सुपुर्द कर दिया गया है।सूत्रों की माने तो इन धान के बोरे देने के लिए पुलिस पर कई जगह से फ़ोन आ रहे थे।

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