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भाजपा संगठन मंत्री का पिपरिया दौरा,ज़मीनी कार्यकर्ताओ को सूचना तक नहीं!

 




पिपरिया।विधानसभा चुनाव में क़रीब 7 माह बाँकी रह गए है।ऐसे में सत्ताधारी दल भाजपा के ज़िम्मेदार कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलने के लिए अब ज़मीन तक के दौरे करने के काम में जुटे हुए है।इसी क्रम में भाजपा संगठन मंत्री हितानंद शर्मा मंगलवार सुबह पिपरिया रेस्ट हाउस पहुँचे।जंहा उन्होंने भाजपा के चुनिंदा नेताओ से मुलाक़ात कर अपने दौरे को “बूथ विस्तारक” कार्यक्रम बताया।इस मुलाक़ात में जंहा भाजपा के विशेष नेताओ को ही सूचना देकर बुलाया गया तो वही चुनावी वर्ष होने के बाद भी ज़मीनी कार्यकर्ताओं को संगठन मंत्री के आने की कोई सूचना नहीं दी गई।पिछले कई दिनो से पिपरिया में भाजपा कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ नेता सत्ता और संगठन से ख़ासे नाराज बताए जा रहे है।वरिष्ठ नेता तो आए दिन सोशल मीडिया पर सत्ता और संगठन को निशाना बनाते हुए अपनी भड़ास निकालते हुए देखे जा सकते है।जबकि भाजपा को कैड़र बैस पार्टी माना जाता है।पार्टी का कार्यकर्ता काफ़ी अनुशासित रहा करता है।परंतु पिपरिया में ऐसा नहीं हो पा रहा है।पिछले दिनो भाजपा की जनपद अध्यक्ष सुश्री संध्या सिंगारे ने भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं जनपद सदस्य राजा भैया पटेल पर गंभीर आरोप लगाते हुए जनपद बैठक में अपमानित करने की बात मीडिया के सामने कही थी।सिंगारे ने कहा था की वह अनुसूचित जाति की महिला है।इसके कारण उनको दबाया जा रहा है।वही भाजपा नेता हेमराज मुखत्यार ने भी सोशल मीडिया पर पार्टी की दुर्दशा पर एक लम्बा लेख लिख कर संगठन को आइना दिखाया था।जिसे कई वरिष्ठ नेताओ ने शेयर किया था।बनखेड़ी में तो भाजपा कार्यकर्ता एक दूसरे को राशन-रेत माफिया तक की संज्ञा दे रहे है।जबकि पिपरिया क्षेत्र भाजपा ज़िला अध्यक्ष माधव अग्रवाल की गृह विधानसभा है।इसके बाद भी अग्रवाल पार्टी में मचे इस घमासान पर चुप्पी साध कर आँख मुँदे हुए है।यही सब कारण है की प्रदेश संगठन मंत्री के आने की सूचना सिर्फ़ चुनिंदा भाजपा नेताओ को दी गई जिससे की पार्टी में मचे इस घमासान की कोई भी शिकायत संगठन मंत्री तक ना पहुँच पाए।ग़ौरतलब है कि पार्टी में जारी गुटबाज़ी से खुद ज़िला अध्यक्ष अग्रवाल भी ख़ासे परेशान है।पिछले दिनो अग्रवाल के विरोधियों ने उनको “घर” में ही घेरते हुए पिपरिया के ग्रामीण मंडल अध्यक्षों सहित प्रमुख कार्यकर्ताओं से निजी आरोप भरा पत्र सोशल मीडिया पर जारी करवा दिया था।इसके बाद से ही ज़िला अध्यक्ष माधव अग्रवाल अपने गृह क्षेत्र में “बैक फुट” पर दिखाई दे रहे है।हालाँकि बाद में मंडल अध्यक्षों ने इस पत्र को सिरे से ख़ारिज कर दिया था।परंतु पार्टी सूत्र बताते है की यह पत्र भोपाल से लेकर दिल्ली तक संगठन के ज़िम्मेदार पदाधिकारीयो को पहुँचाया गया था।कार्यकर्ता बताते है की पत्र की इबारत भाजपा के संगठन इतिहास में पहली बार किसी “ज़िलाअध्यक्ष”के ख़िलाफ़ में लिखी गई होगी।यही बड़ा कारण है की अग्रवाल भी इन सब पचड़ों में न पड़ कर चुपचाप बिना किसी विरोध के अपने आप को “ज़िला अध्यक्ष” पद पर बनाए रखने के प्रयास में जुटे हुए है।

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